पूर्वी मैदानी भाग – राजस्थान सामान्य ज्ञान

राजस्थान सामान्य ज्ञान-पूर्वी मैदानी भाग
 
पूर्वी मैदानी भाग3. पूर्वी मैदानी भाग
अरावली पर्वत के पूर्वी भाग और दक्षिणी-पूर्वी पठारी भाग के दक्षिणी भाग में पूर्व का मैदान स्थित है..। यह मैदान राज्य के कुल क्षेत्रफल का 23.3 प्रतिशत है..। इस क्षेत्र में राज्य की 39 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है..। इस क्षेत्र में – भरतपुर, अलवर, धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, जयपुर, दौसा, टोंक, भीलवाडा तथा दक्षिण कि ओर से डुंगरपुर, बांसवाडा ओर प्रतापगढ जिलों के मैदानी भाग सम्मिलित है..। यह प्रदेश नदी बेसिन प्रदेश है.. अर्थात नदियों द्वारा जमा कि गई मिट्टी से इस प्रदेश का निर्माण हुआ है..। इस प्रदेश में कुओं द्वारा सिंचाई अधिक होती है..। इस मैदानी प्रदेश के तीन उप प्रदेश है..।
बनास- बाणगंगा बेसीन
चम्बल बेसीन
मध्य माही बेसीन
1 बनास- बाणगंगा बेसीन
बनास और इसकी सहायक नदियों द्वारा निर्मित यह एक विस्तृत मैदान है.. यह मैदान बनास और इसकी सहायक बाणगंगा, बेड़च, डेन, मानसी, सोडरा, खारी, भोसी, मोरेल आदि नदियों द्वारा निर्मित यह एक विस्तृत मैदान है.. जिसकी ढाल पूर्व की और है..।
2 चम्बल बेसीन
इसके अन्तर्गत कोटा, सवाईमाधोपुर, करौली तथा धौलपुर जिलों का क्षेत्र सम्मिलित है..। कोटा का क्षेत्र हाड़ौती में सम्मिलित है.. किंतु यहां चम्बल का मैदानी क्षेत्र स्थित है..। इस प्रदेश में सवाईमाधोपुर, करौली एवं धौलपुर में चम्बल के बीहड़ स्थित है..। यह अत्यधिक कटा- फटा क्षेत्र है.., इनके मध्य समतल क्षेत्र स्थित है..।
3 मध्य माही बेसीन या छप्पन का मैदान
इसका विस्तार उदयपुर के दक्षिण पूर्व से डुंगरपुर, बांसवाडा और प्रतापगढ़ जिलों में है..। माही मध्य प्रदेश से निकल कर इसी प्रदेश से गुजरती हुई खंभात कि खाडी में गिरती है..। यह क्षेत्र वागड़ के नाम से पुकारा जाता है.. तथा प्रतापगढ़ व बांसवाड़ा के मध्य भाग में छप्पन ग्राम समुह स्थित है..। इसलिए यह भू-भाग छप्पन के मैदान के नाम से भी जाना जाता है..।
 

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