Category Archives: Rajasthan GK in Hindi

राजस्थान के अभ्यारण्य – Rajasthan Gk In Hindi For RPSC Exam

सर्वांधिक जैसलमेर में फैला हुआ हैं।> इस अभ्यारण्य से होकर राष्ट्रीय राजमार्ग 15 गुजरता हैं।> इसकी स्थापना वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के अर्न्तगत सन् 1980 में की गई।> इस अभयारण्य में करोड़ों वर्ष पुराने काष्ठ अवषेष, डायनोसोर के अण्डे के अवषेष प्राप्त हुए हैं।

राजस्थान का एकीकरण Rajasthan Gk For RPSC Exam

जॉर्ज थॉमस ने सन् 1800 में राजस्थान को राजपूताना नाम दिया। जेम्स टॉड ने ‘एनल्स एण्ड एण्टीक्यूटिस ऑफ राजस्थान’ पुस्तक में सन् 1829 में राजपूताना को राजस्थान नामदिया।

Rajasthan ki aarthik suchkank – राजस्थान के आर्थिंक सूचकांक –

देष के कुल पशुधन में राजस्थान का हिस्सा 11.2 % हैं। राजस्थान की दूध उत्पादन में भागीदारी 10 % हैं। यह दूसरे स्थान पर हैं। दूध से बने उत्पादों में गुजरात पहले स्थान पर हैं। ऊन उत्पादन में राजस्थान पहले स्थान पर हैं ;41.6 %द्ध।

राजस्थान में पर्यटन उद्योग – Rajasthan Gk In Hindi For RPSC Exam

ट्रेवल्स इन वेर्स्टन इण्डिया नामक पुस्तक में राजस्थान की भौगोलिक, सांस्कृतिक विषेषताओं का चित्रण हैं। यह टॉडद्वारा लिखी गई हैं।- इण्डिन एन्टीक्यूरी:- टेसी टोरी की।

राजस्थान में सहाकरी संस्थाऐं – Rajasthan Gk In Hindi For Rpsc Exam

सन् 1993 में गंगापुर, गुलाबपुरा (दोनो भीलवाड़ा) व हनुमानगढ़ की सहाकरी मिलों को सम्मिलित कर स्पिनफेडबनाया गया। इसका कार्य रूई या कपास खरीदना एवं सूत बनाना व इसकी बिक्री करना हैं। यह बम्बई की सूती मिलों कोबिक्री करता हैं।-

राजस्थान में क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम – Rajasthan Gk For RPSC Exam

क्षेत्रीय विकास कार्यक्रमसुखा संभावित क्षेत्र विकास कार्यक्रम:- यह सन् 1974-75 में शुरू किया गया। इसमें केन्द्र व राज्य सरकार की 50: 50 की भागीदारी हैं। इस योजना का मुख्य उद्देष्य सूखे की सम्भावना वाले क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था में सुधार करना हैं। मिट्टी व जल का संरक्षण करना हैं। जल संसाधनों का विकास करना हैं। वृक्षारोपण पर बल देना हैं। यह योजना वर्तमान में चल… Read More »

Panchvarshiya Yojana – पंचवर्षीय योजना तथा औद्योगिक विकास

इस योजना का प्रारूप हेरोल्ड नामक अर्थषास्त्री ने तैयार किया। इसलिए इसे हेराल्ड माडल भी कहाजाता हैं। पहली पंचवर्षींय योजना से लेकर 7 वीं योजना तक सिंचाई, कृषि व विद्युत पर सर्वांधिक बल दिया गया। सन् 1953 में राजस्थान में ग्रामीण स्तर पर पंचायती राज अधिनियम लागू किया गया।